कुछ बदले-से हैं तेवर,कुछ बदला हुआ है मिज़ाज़,
या यूँ कहें कि हम ही नावाकिफ़ थे शायद उनसे ,
रहनुमा ही बताते फिरते थे इस जहाँ में उनको ,
तब कहाँ पता था कि रहनुमा की शक्ल कैसी होती है?
आज ही तो जाना और पहचाना है कि ये भी तो वही हैं ,
जिन्हें दुनिया कहती है कि बड़ा ही रहनुमा है यह शख्स,
अगर इसको दुनिया रहनुमाई शख्स कहती है!
तो बेरहमों की शक्ल कैसी होती होगी ?तो मुझे देखना है उन्हीं बेरहमों को जिनके
शायद न बदले होंगे तेवर और न बदला होगा उनका मिज़ाज़ ,
तो मुझे अब शौक है उनको देखने का जो ,
जो खुद के ऊपर बेरहमी के इल्ज़ामों को लेकर बेख़ौफ़ घूमते हैं .
आज की तारीख में रहनुमाओं ने ही ओढ़ लिया बेरहमों का वेश,
और इल्ज़ाम लगे लोग ही सच्चे रहनुमा हैं शायद!
बस जानना इतना ही ज़रूरी है कि यकीन करना किनपर है?
उनपर जो बेरहम से रहनुमा हैं ,या वे जिनपर इल्ज़ाम हैं बेरहमी के।
खुदा!तु अब कुछ ऐसे बंदे बना जिनको देखकर ही जान जाएं ,
क्या हैं उसके तेवर और क्या है इस बंदे के मिज़ाज़ ।
या यूँ कहें कि हम ही नावाकिफ़ थे शायद उनसे ,
रहनुमा ही बताते फिरते थे इस जहाँ में उनको ,
तब कहाँ पता था कि रहनुमा की शक्ल कैसी होती है?
आज ही तो जाना और पहचाना है कि ये भी तो वही हैं ,
जिन्हें दुनिया कहती है कि बड़ा ही रहनुमा है यह शख्स,
अगर इसको दुनिया रहनुमाई शख्स कहती है!
तो बेरहमों की शक्ल कैसी होती होगी ?तो मुझे देखना है उन्हीं बेरहमों को जिनके
शायद न बदले होंगे तेवर और न बदला होगा उनका मिज़ाज़ ,
तो मुझे अब शौक है उनको देखने का जो ,
जो खुद के ऊपर बेरहमी के इल्ज़ामों को लेकर बेख़ौफ़ घूमते हैं .
आज की तारीख में रहनुमाओं ने ही ओढ़ लिया बेरहमों का वेश,
और इल्ज़ाम लगे लोग ही सच्चे रहनुमा हैं शायद!
बस जानना इतना ही ज़रूरी है कि यकीन करना किनपर है?
उनपर जो बेरहम से रहनुमा हैं ,या वे जिनपर इल्ज़ाम हैं बेरहमी के।
खुदा!तु अब कुछ ऐसे बंदे बना जिनको देखकर ही जान जाएं ,
क्या हैं उसके तेवर और क्या है इस बंदे के मिज़ाज़ ।