शनिवार, 8 नवंबर 2014

समाचार

आज सोचा चलो! थोड़ी दिन-दुनिया की खबर लेते हैं,
टी0वी0 के सामने बैठ,रिमोट को हाथ में उठाया।
एक के बाद एक हम बीसियों चैनल बदल लेते हैं,
पर एक ने भी मुझे दिन और दुनिया का खबर नहीं दिखाया।
आप कहेंगे ! के हम ये क्या मज़ाक करतेहैं,
पर सच तो न इससे बदल भी नहीं जाएगा।
समाचार चैनल तो इनको कहा भी नहीं जाएगा।
थोड़ी देर को तो मुझे लगा कि ये सारे समाचार-चैनल,
सब्ज़ी विक्रेता की भाँति ही गुहार लगाते हैं कि,
आओ मेरी समाचार की दुकान पर आओ।
हम आपको सबसे पहले फ़लाँ समाचार दिखाते हैं,
ठीक वैसे ही जैसे सब्ज़ी-मंडी में अपनी सब्ज़ी को,
बेचने को सब दुसरों से बेहतर सब्ज़ी बताते हैं।
पर अफ़सोस कि लौटना पड़ा मुझे ईन चैनलों से भी खाली हाथ,
वैसे ही,जैसे कई बार सजी होती तो है सब्ज़ियों से ये मंडियाँ,
 हम अपने थैले पसंद की सब्ज़ी न मिलने पर खाली लेकर लौट आते हैं।

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